मेरा जीवन मेरी कविता
सोमवार, 27 जून 2016
हमारा जीवन
हमारे बच्चों की आँखों में कौतूहल,
युवाओं की आँखों में अल्हड़ता,
प्रौढ़ों की
आँखों
में ठहराव, और
बुज़ुर्गों की आँखों में वात्सल्य
है तो हमारा जीवन सफल है ।
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