तुम बहुत जल्दी चले गए
कितनी बातें अनकही रह गयीदोनों बच्चों की प्यारी प्यारी
शैतानियों की शिकायतें करनी थी
बच्चों की छोटी बड़ी जीत की
खुशियाँ मनानी थी
बच्चों के भविष्य के बारे में साथ
साथ सोचना था
जीवन के सूर्यास्त को साथ साथ
देखना था
तुम्हारी कमी हमेशा रही
पर अब बहुत महसूस होती है
अभी तो बहुत कुछ बाकी है
तुम बहुत जल्दी चले गए
20.09.2015

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